हरदा। जिला प्रशासन हरदा द्वारा आगामी 1 एवं 2 नवम्बर को ’’देवउठनी एकादशी’’ के अवसर पर बड़ी संख्या में होने वाले विवाह समारोहों की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह की संभावनाओं को रोकने के उद्देश्य से विवाह से संबंधित सभी सेवा प्रदाताओं से विशेष अपील की गई है।
जिला हरदा के विवाह से जुड़ी सभी सेवाएं देने वाले पंडित, धर्मगुरु, होटल, केटरर, टेंट हाउस संचालक, बैंड-बाजा वाले, ब्युटी पार्लर, घोड़ी-बग्गी संचालक, मैरिज गार्डन मालिक, छायाकार, स्टूडियो संचालक एवं अन्य आयोजकों से अनुरोध किया गया है कि वे विवाह से पूर्व बालक-बालिका की आयु का सत्यापन अवश्य करें।
कलेक्टर हरदा सिद्धार्थ जैन ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे विवाह न केवल कानूनन वर्जित हैं, बल्कि बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर भी विपरीत प्रभाव डालते हैं।
कलेक्टर जैन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करें तथा किसी भी बाल विवाह की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।
साथ ही, बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर किसी भी व्यक्ति द्वारा किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं बाल संरक्षण अधिनियम 2016 के तहत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित ग्राम पंचायत सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, प्रधानाध्यापक एवं थाने में शिकायत की जा सकती है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह सूचना वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समिति, विद्यालय प्रधानाध्यापक अथवा थाना प्रभारी को दी जा सकती है।
इसके अलावा अध्यक्ष अथवा सदस्य बाल कल्याण समिति, कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त कार्यालय कलेक्टर प्रथम तल रूम नम्बर 61, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास परियोजना टिमरनी, खिरकिया, हरदा शहरी व ग्रामीण 1 व 2 में भी की जा सकती है।